Hindi, Novel
दोपहरी
€ 17,50
Language: Hindi (written in devnagri)
Author: Pankaj Kapur
Cover: Hardcover
अम्मा बी एक बुज़ुर्ग विधवा हैं जो लखनऊ में अपनी सुनसान हवेली में अकेली रहती हैं। हर दोपहर, ठीक 3 बजे, उन्हें अनजान कदमों की आहट सुनाई देती है। हर दोपहर, वह झाँककर देखती हैं… लेकिन वहाँ कोई नहीं होता। बढ़ते डर के कारण, अम्मा बी किसी ओल्ड एज होम में जाने के बारे में सोचती हैं, लेकिन फिर वह एक किराएदार को रखने का फ़ैसला करती हैं — सबीहा नाम की एक प्यारी युवा महिला। उसके आने से अम्मा बी की अकेली दुनिया प्यार और हँसी-खुशी से भर जाती है, और घर का काम करने वाले जुम्मन में भी बदलाव आता है। जब सबीहा मुश्किल में फँस जाती है, तो अम्मा बी को स्थिति को सुलझाने के लिए अपनी छिपी हुई काबिलियत और हमदर्दी का सहारा लेना पड़ता है… ‘दोपहरी’ — मशहूर फ़िल्म और थिएटर कलाकार पंकज कपूर का पहला उपन्यास — एक बहुत ही आकर्षक, मज़ेदार और प्रभावशाली रचना है, एक ऐसी कहानी जिससे पाठक प्यार करने लगेंगे।





